गूगल ने चलाया सफाई अभियान, प्ले स्टोर से ’28’ फर्जी ऐप्प को दिखाया बाहर का रास्ता

भारत में आज लगभग 37 करोड़ लोग स्मार्ट फोन का इस्तेमाल करते हैं, यानि की भारत का हर पांचवा व्यक्ति स्मार्ट फोन का इस्तेमाल कर रहा है | और इस आंकड़े में तेजी से इजाफा भी हो रहा है | और आज हम चर्चा करेंगे इन स्मार्ट फोन में मौजूद फर्जी एप्प की | जिनका नाम कुछ और है पर करता कुछ और है | आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि इन फर्जी ऐप्स को हजारों बार डाउनलोड किया जा चुका है। कई यूजर्स ने इन ऐप्स को डाउनलोड करने के बाद इन फर्जी एप्प के खिलाफ कमेंट भी कर चुके हैं | एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने वाली कंपनी गूगल ने प्ले स्टोर से 28 फर्जी ऐप्स को हटा दिया है | इन फर्जी ऐप्स को Quick Heal सिक्युरिटी लैब के निर्देश पर हटाया गया है | Quick Heal सिक्युरिटी लैब के मुताबिक, ये ऐप्स एक ही डेवलपर के द्वारा डेवलप किया गया है |

इन ऐप्स में ज्यादातर ऐप्स वर्चुअल डाटा, मिनी वॉलेट, गोल्ड लोग, लव लिफाफा, चिट फंड् जैसे ऐप्स शामिल हैं | Quick Heal सिक्युरिटी लैब के एक ब्लॉग पोस्ट के मुताबिक, इन ऐप्स के फंक्शन नाम के मुताबिक नहीं है |


फर्जी ऐप डाउनलोड करने से बचे

Quick Heal ने यह यूजर्स को सावधान करते हुए कहा है कि किसी भी ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड करने के पहले उसके डिस्क्रिप्शन के बारे में जरूर पढ़ लें | इसके आलावा ऐप के रिव्यू और डेवलपर्स के नाम को जरूर चेक करें साथ ही, यूजर्स के कमेंट को भी पढ़ लें | इसके अलावा किसी भी थर्ड पार्टी ऐप स्टोर से किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से बचें।
इन्हें भी दिखाएं बाहर का रास्ता

-Sparkle FlashLight, Snake Attack, Math Solver, ShapeSorter, Tak A Trip, Magnifeye, Join Up, Zombie Killer, Space Rocket, Neon Pong, Just Flashlight, Table Soccer, Cliff Diver, Box Stack, Jelly Slice, AK Blackjack, Color Tiles, Animal Match, Roulette Mania, HexaFall, HexaBlocks, PairZap

विज्ञापनदाताओं को लूटना ही था एक मात्र मकसद
साइबर सुरक्षा फर्म ‘सोफोस’ के मुताबिक ये एप फर्जी वेब ट्रैफिक और क्लिक दर्शाने में सक्षम थे | साइबर ठग इनकी मदद से विज्ञापनदाताओं की जेब में सेंध लगाते थे। वे उन्हें उत्पाद पर लोगों की प्रतिक्रिया बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते थे। ‘सोफोस’ की मानें तो गूगल प्लेस्टोर से हटाए गए खतरनाक एप में ज्यादातर गेम और फ्लैशलाइट एप शामिल हैं | इन्हें 20 लाख से अधिक स्मार्टफोन में डाउनलोड किए जाने का अनुमान है |

यूजर की जेब पर भी डाल रहे डाका

‘सोफोस’ ने अपने ब्लॉग पर लिखा है कि ये 22 एप बैकग्राउंड में कुछ खतरनाक सर्वर से जुड़े हुए हैं | लिहाजा इन्हें डाउनलोड करने पर बैटरी की खपत तेज हो जाती है | यही नहीं, इंटरनेट डाटा भी जल्द खत्म होने की शिकायत सताने लगती है। ब्लॉग के अनुसार बाहरी सर्वर से जुड़े होने के कारण ये एप फोन में अन्य खतरनाक वायरस भी इंस्टॉल करने की क्षमता रखते हैं। ये वायरस बैंक अकाउंट सहित अन्य संवेदनशील जानकारियां जुटा सकते हैं।

ऐसे करें रिमूव

इन फर्जी ऐप्स को अपने डिवाइस में अगर आपने गलती से डाउनलोड कर भी लिया है तो आज हम आपको इन ऐप्स को रिमूव कराने के स्टेप्स बता रहे हैं |
1 . सबसे पहले आप अपने स्मार्टफोन के सेटिंग्स मैन्यू में जाएं |
2 . इसके बाद आपको ऐप्स और नोटिफिकेशन्स पर टैप करना होगा।
3 . अब आप उन ऐप्स को सेलेक्ट कर लें जिसे आप डिलीट करना चाहते हैं या हटाना चाहते हैं।
4 . अगर आपको ऐप्स यहां नहीं दिखाई देता है तो आप सी ऑल ऐप्स ऑर ऐप इंफो पर टैप करें।
5 . ऐप सेलेक्ट करें और अनइंस्टॉल पर टैप करें।
6 . ऐसा करते ही ये फर्जी ऐप्स आपके स्मार्टफोन से हट जाएगा।

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